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صआयत 28

तफ़सीर अल-मुख़्तसर

أَمْ نَجْعَلُ ٱلَّذِينَ ءَامَنُوا۟ وَعَمِلُوا۟ ٱلصَّـٰلِحَـٰتِ كَٱلْمُفْسِدِينَ فِى ٱلْأَرْضِ أَمْ نَجْعَلُ ٱلْمُتَّقِينَ كَٱلْفُجَّارِ ﴿٢٨﴾

हम हरगिज़ अल्लाह पर ईमान रखने वालों, उसके रसूल का अनुसरण करने वालों और अच्छे कार्य करने वालों को, उन लोगों के जैसा नहीं बनाएँगे, जो कुफ़्र और पापों के साथ धरती में बिगाड़ पैदा करने वाले हैं। तथा हम उन लोगों को जो अपने पालनहार से, उसके आदेशों का पालन करके और उसके निषेधों से बचकर डरते हैं, पापों में लिप्त काफ़िरों और मुनाफ़िक़ों के समान नहीं बनाएँगे। उन दोनों के बीच बराबरी करना अन्याय है, जो अल्लाह के लिए शोभित नहीं है। बल्कि, अल्लाह परहेज़गार मोमिनों को जन्नत में प्रवेश के साथ पुरस्कृत करेगा। और दुर्भाग्यशाली काफ़िरों को जहन्नम में दाखिल करके दंडित करेगा। क्योंकि ये दोनों अल्लाह के निकट बराबर नहीं हैं। इसलिए उसके पास उनका बदला भी बराबर नहीं होगा।