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صआयत 60

तफ़सीर अल-मुख़्तसर

قَالُوا۟ بَلْ أَنتُمْ لَا مَرْحَبًۢا بِكُمْ ۖ أَنتُمْ قَدَّمْتُمُوهُ لَنَا ۖ فَبِئْسَ ٱلْقَرَارُ ﴿٦٠﴾

अनुयायियों का समूह अपने उन सरदारों से कहेगा, जिनके वे अधीनस्थ थे : बल्कि तुम (ऐ अनुसरण किए गए सरदारो!) तुम्हारा कोई स्वागत नहीं। क्योंकि तुम ही हो, जो हमें गुमराह करके और बहकाकर हमारे लिए इस दर्दनाक यातना के कारण बने हो। चुनाँचे यह ठिकाना, सभी लोगों का ठिकाना, बहुत बुरा ठिकाना है, जो कि जहन्नम की आग है।