तफ़सीर अल-मुख़्तसर
وَلَقَدْ أُوحِىَ إِلَيْكَ وَإِلَى ٱلَّذِينَ مِن قَبْلِكَ لَئِنْ أَشْرَكْتَ لَيَحْبَطَنَّ عَمَلُكَ وَلَتَكُونَنَّ مِنَ ٱلْخَـٰسِرِينَ ﴿٦٥﴾
(ऐ रसूल) अल्लाह ने आपकी ओर तथा आपसे पहले आने वाले रसूलों की आेर वह्य की है कि यदि तुमने अल्लाह के साथ किसी और की पूजा की, तो तुम्हारे सारे अच्छे कर्मों की नेकियाँ नष्ट हो जाएँगी और तुम घाटे में पड़ने वालों में से हो जाओगे। दुनिया में इस्लाम से वंचित होने का घाटा और आख़िरत में यातना में पड़ने का घाटा।