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الزمرआयत 73

तफ़सीर अल-मुख़्तसर

وَسِيقَ ٱلَّذِينَ ٱتَّقَوْا۟ رَبَّهُمْ إِلَى ٱلْجَنَّةِ زُمَرًا ۖ حَتَّىٰٓ إِذَا جَآءُوهَا وَفُتِحَتْ أَبْوَٰبُهَا وَقَالَ لَهُمْ خَزَنَتُهَا سَلَـٰمٌ عَلَيْكُمْ طِبْتُمْ فَٱدْخُلُوهَا خَـٰلِدِينَ ﴿٧٣﴾

और फ़रिश्ते उन मोमिनों को, जो अल्लाह के आदेशों का पालन करके और उसकी मना की हुई वस्तुओं से बचकर उससे डरते थे, सम्मानित गिरोहों की शक्ल में, बड़ी विनम्रता से, जन्नत की ओर ले जाएँगे। यहाँ तक कि जब वे वहाँ पहुँच जाएँगे, तो जन्नत के द्वार खोल दिए जाएँगे, और वहाँ नियुक्त फ़रिश्ते उनसे कहेंगेः तुम्हारे लिए हर कष्ट तथा हर अप्रिय वस्तु से सलामती है। तुम्हारे दिल एवं कर्म पवित्र हैं। अतः, जन्नत में हमेशा रहने को प्रवेश कर जाओ।