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النساءआयत 137

तफ़सीर अल-मुख़्तसर

إِنَّ ٱلَّذِينَ ءَامَنُوا۟ ثُمَّ كَفَرُوا۟ ثُمَّ ءَامَنُوا۟ ثُمَّ كَفَرُوا۟ ثُمَّ ٱزْدَادُوا۟ كُفْرًا لَّمْ يَكُنِ ٱللَّهُ لِيَغْفِرَ لَهُمْ وَلَا لِيَهْدِيَهُمْ سَبِيلًۢا ﴿١٣٧﴾

जो लोग ईमान लाने के बाद बार-बार कुफ़्र करते रहे, इस प्रकार कि वे ईमान लाए, फिर उससे पलट गए, इसके बाद उन्होंने फिर से ईमान में प्रवेश किया, फिर उससे पलट गए और कुफ़्र पर जमे रहे और उसी हाल में मर गए; तो अल्लाह उनके पापों को क्षमा नहीं करेगा और न ही उन्हें उस सीधे रास्ते का मार्गदर्शन करेगा जो उस सर्वशक्तिमान तक पहुँचाने वाला है।