तफ़सीर अल-मुख़्तसर
وَٱلَّذِينَ يُنفِقُونَ أَمْوَٰلَهُمْ رِئَآءَ ٱلنَّاسِ وَلَا يُؤْمِنُونَ بِٱللَّهِ وَلَا بِٱلْيَوْمِ ٱلْـَٔاخِرِ ۗ وَمَن يَكُنِ ٱلشَّيْطَـٰنُ لَهُۥ قَرِينًا فَسَآءَ قَرِينًا ﴿٣٨﴾
तथा हमने उन लोगों के लिए भी अज़ाब तैयार कर रखा है, जो अपना धन इसलिए ख़र्च करते हैं कि लोग उन्हें देखें और उनकी प्रशंसा करें। उनका अल्लाह एवं क़यामत के दिन पर ईमान नहीं होता है। हमने उनके लिए वह अपमानकारी यातना तैयार किया है। उन्हें दरअसल शैतान के अनुसरण ही ने गुमराह किया है। और शैतान जिसका साथी बन गया, वह जान जाए कि शैतान बहुत बुरा साथी है।