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النساءआयत 55

तफ़सीर अल-मुख़्तसर

فَمِنْهُم مَّنْ ءَامَنَ بِهِۦ وَمِنْهُم مَّن صَدَّ عَنْهُ ۚ وَكَفَىٰ بِجَهَنَّمَ سَعِيرًا ﴿٥٥﴾

अह्ले किताब में से कुछ लोग उस चीज़ पर ईमान लाए, जो अल्लाह ने इबराहीम अलैहिस्सलाम पर और उनके वंश के नबियों पर अवतरित किया और कुछ लोगों ने उस पर ईमान लाने से उपेक्षा किया। उनका यही रवैया उसके प्रति भी है जो मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम पर अवतिरत किया गया है। तथा उनमें से कुफ़्र करने वालों के लिए आग ही बराबर की सज़ा है।