तफ़सीर अल-मुख़्तसर
إِلَيْهِ يُرَدُّ عِلْمُ ٱلسَّاعَةِ ۚ وَمَا تَخْرُجُ مِن ثَمَرَٰتٍ مِّنْ أَكْمَامِهَا وَمَا تَحْمِلُ مِنْ أُنثَىٰ وَلَا تَضَعُ إِلَّا بِعِلْمِهِۦ ۚ وَيَوْمَ يُنَادِيهِمْ أَيْنَ شُرَكَآءِى قَالُوٓا۟ ءَاذَنَّـٰكَ مَا مِنَّا مِن شَهِيدٍ ﴿٤٧﴾
क़ियामत का ज्ञान केवल अल्लाह की ओर लौटाया जाता है; क्योंकि केवल वही जानता है कि क़ियामत कब घटित होगी, इसे कोई और नहीं जानता। तथा जो फल अपने गाभों से निकलते हैं और जो मादा गर्भ धारण करती है और बच्चा जनती है, सबका ज्ञान अल्लाह को है। इनमें से कोई भी चीज़ उससे नहीं छूटती। और जिस दिन अल्लाह उन बहुदेववादियों को, जो उसके साथ मूर्तियों की पूजा किया करते थे, पुकारकर ; उन्हें इन मूर्तियों की इबादत पर फटकार लगाते हुए कहेगा : कहाँ हैं मेरे वे साझी, जिन्हें तुमने साझेदार समझ रखा था? मुश्रिक कहेंगे : हम तेरे सामने स्वीकार करते हैं कि अब हममें से कोई भी इस बात की गवाही नहीं देता कि तेरा कोई साझी है।