×
الشورىआयत 31

तफ़सीर अल-मुख़्तसर

وَمَآ أَنتُم بِمُعْجِزِينَ فِى ٱلْأَرْضِ ۖ وَمَا لَكُم مِّن دُونِ ٱللَّهِ مِن وَلِىٍّ وَلَا نَصِيرٍ ﴿٣١﴾

यदि अल्लाह तुम्हें दंडित करना चाहे, तो तुम भागकर अपने पालनहार से बचने में सक्षम नहीं हो सकते। तथा अल्लाह के सिवा तुम्हारा कोई संरक्षक नहीं है, जो तुम्हारे कामों का प्रभार ले सके और न ही कोई सहायक है, जो तुमसे यातना को टाल सके, अगर वह तुम्हें यातना देना चाहे।