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الشورىआयत 41

तफ़सीर अल-मुख़्तसर

وَلَمَنِ ٱنتَصَرَ بَعْدَ ظُلْمِهِۦ فَأُو۟لَـٰٓئِكَ مَا عَلَيْهِم مِّن سَبِيلٍ ﴿٤١﴾

जो व्यक्ति अपने ऊपर होने वाले अत्याचार का बदला लेता है, तो ऐसे लोगों पर अपना हक़ लेने के लिए कोई दोष नहीं है।