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الزخرفआयत 31

तफ़सीर अल-मुख़्तसर

وَقَالُوا۟ لَوْلَا نُزِّلَ هَـٰذَا ٱلْقُرْءَانُ عَلَىٰ رَجُلٍ مِّنَ ٱلْقَرْيَتَيْنِ عَظِيمٍ ﴿٣١﴾

झूठलाने वाले मुश्रिकों ने कहा : अल्लाह ने इस क़ुरआन को मुहम्मद जैसे निर्धन अनाथ पर उतारने के बजाय, मक्का अथवा तायफ़ के दो महान व्यक्तियों में से किसी एक पर क्यों नहीं उतारा?