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الزخرفआयत 37

तफ़सीर अल-मुख़्तसर

وَإِنَّهُمْ لَيَصُدُّونَهُمْ عَنِ ٱلسَّبِيلِ وَيَحْسَبُونَ أَنَّهُم مُّهْتَدُونَ ﴿٣٧﴾

और ये साथ रहने वाले (शैतान), जो क़ुरआन से मुँह फेरने वाले लोगों पर नियुक्त कर दिए जाते हैं, अवश्य उन्हें अल्लाह के धर्म से रोकते हैं। चुनाँचे वे न अल्लाह के आदेशों का पानल करते हैं और न उसकी मना की हुई चीज़ों से बचते हैं। और यह समझते हैं कि वे सत्य के मार्ग पर चलने वाले हैं। इसी कारण वे अपनी गुमराही से तौबा नहीं करते हैं।