तफ़सीर अल-मुख़्तसर
فَلَمَّا جَآءَهُم بِـَٔايَـٰتِنَآ إِذَا هُم مِّنْهَا يَضْحَكُونَ ﴿٤٧﴾
तो जब वह उनके पास हमारी निशानियाँ लेकर आए, तो वे मज़ाक़ और उपहास के तौर पर उनपर हँसने लगे।
तफ़सीर अल-मुख़्तसर
فَلَمَّا جَآءَهُم بِـَٔايَـٰتِنَآ إِذَا هُم مِّنْهَا يَضْحَكُونَ ﴿٤٧﴾