तफ़सीर अल-मुख़्तसर
أَفَنَضْرِبُ عَنكُمُ ٱلذِّكْرَ صَفْحًا أَن كُنتُمْ قَوْمًا مُّسْرِفِينَ ﴿٥﴾
क्या हम तुम्हारे ऊपर क़ुरआन उतारना, इस कारण से छोड़ दें कि तुम बहुत ज़्यादा शिर्क और पाप करते हो? हम ऐसा नहीं करेंगे। बल्कि तुम्हारे प्रति दया इसके विपरीत की अपेक्षा करती है।