तफ़सीर अल-मुख़्तसर
إِنَّآ أَنزَلْنَـٰهُ فِى لَيْلَةٍ مُّبَـٰرَكَةٍ ۚ إِنَّا كُنَّا مُنذِرِينَ ﴿٣﴾
निःसंदेह हमने क़ुरआन को लैलतुल-क़द्र (सम्मानित रात) में उतारा है, जो बहुत अच्छाइयों वाली रात है। हम इस क़ुरआन के माध्यम से डराने वाले हैं।
तफ़सीर अल-मुख़्तसर
إِنَّآ أَنزَلْنَـٰهُ فِى لَيْلَةٍ مُّبَـٰرَكَةٍ ۚ إِنَّا كُنَّا مُنذِرِينَ ﴿٣﴾