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محمدआयत 37

तफ़सीर अल-मुख़्तसर

إِن يَسْـَٔلْكُمُوهَا فَيُحْفِكُمْ تَبْخَلُوا۟ وَيُخْرِجْ أَضْغَـٰنَكُمْ ﴿٣٧﴾

अगर वह तुमसे तुम्हारा पूरा धन माँगे और उसे खूब ज़ोर देकर माँगे, तो तुम उसमें कंजूसी करोगे और तुम्हारे दिलों में अल्लाह के रास्ते में खर्च करने की जो अनिच्छा है, वह उसे बाहर कर देगा। अतः उसने तुमपर दया करते हुए तुमसे उसका माँगना छोड़ दिया।