तफ़सीर अल-मुख़्तसर
وَهُوَ ٱلَّذِى كَفَّ أَيْدِيَهُمْ عَنكُمْ وَأَيْدِيَكُمْ عَنْهُم بِبَطْنِ مَكَّةَ مِنۢ بَعْدِ أَنْ أَظْفَرَكُمْ عَلَيْهِمْ ۚ وَكَانَ ٱللَّهُ بِمَا تَعْمَلُونَ بَصِيرًا ﴿٢٤﴾
और वही है जिसने बहुदेववादियों के हाथों को तुमसे रोक दिया, जब उनमें से लगभग अस्सी आदमी हुदैबियह में तुम्हें नुकसान पहुँचाने के लिए आए। तथा उसने तुम्हारे हाथों को उनसे रोक दिया। अतः तुमने न तो उन्हें क़त्ल किया और न ही उन्हें नुकसान पहुँचाया। बल्कि उन्हें बंदी बनाने में सक्षम बनाए जाने के बाद भी तुमने उन्हें रिहा कर दिया। और जो कुछ तुम करते हो, अल्लाह उसे हमेशा से खूब देखने वाला है, तुम्हारे कर्मों में से कुछ भी उससे छिपा नहीं है।