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المائدةआयत 114

तफ़सीर अल-मुख़्तसर

قَالَ عِيسَى ٱبْنُ مَرْيَمَ ٱللَّهُمَّ رَبَّنَآ أَنزِلْ عَلَيْنَا مَآئِدَةً مِّنَ ٱلسَّمَآءِ تَكُونُ لَنَا عِيدًا لِّأَوَّلِنَا وَءَاخِرِنَا وَءَايَةً مِّنكَ ۖ وَٱرْزُقْنَا وَأَنتَ خَيْرُ ٱلرَّٰزِقِينَ ﴿١١٤﴾

ईसा अलैहिस्सलाम ने उनके अनुरोध का उत्तर दिया और अल्लाह से यह कहते हुए दुआ की : हे हमारे रब! हमपर खाने का एक दस्तर-ख़्वान उतार दे, जिसके उतरने के दिन को हम एक पर्व बनाकर तेरे लिए आभार प्रकट करते हुए उसका सम्मान करें, तथा वह तेरे एकत्व (एकमात्र पूज्य होने) की निशानी और प्रमाण, तथा जिस चीज़ के साथ मैं भेजा गया हूँ उसकी सच्चाई का प्रमाण हो। तथा हमें ऐसी जीविका प्रदान कर, जो तेरी इबादत करने में हमारी मदद करे, और - ऐ हमारे रब! - तू सबसे उत्तम जीविका प्रदान करने वाला है।