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قआयत 19

तफ़सीर अल-मुख़्तसर

وَجَآءَتْ سَكْرَةُ ٱلْمَوْتِ بِٱلْحَقِّ ۖ ذَٰلِكَ مَا كُنتَ مِنْهُ تَحِيدُ ﴿١٩﴾

और मौत की सख़्ती उस सच्चाई के साथ आ गई, जिससे बचने का कोई उपाय नहीं है। यही है वह जिससे (ऐ बेख़बर इनसान!) तू कतराता और भागता था।