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الطورआयत 19

तफ़सीर अल-मुख़्तसर

كُلُوا۟ وَٱشْرَبُوا۟ هَنِيٓـًٔۢا بِمَا كُنتُمْ تَعْمَلُونَ ﴿١٩﴾

और उनसे कहा जाएगा : तुम्हारा जो दिल चाहे, मज़े से खाओ-पिओ। जो कुछ तुम खाते-पीते हो, उससे तुम्हें किसी नुकसान या तकलीफ़ का डर नहीं है। यह दुनिया में तुम्हारे अच्छे कर्मों का बदला है।