तफ़सीर अल-मुख़्तसर
إِنَّا كُنَّا مِن قَبْلُ نَدْعُوهُ ۖ إِنَّهُۥ هُوَ ٱلْبَرُّ ٱلرَّحِيمُ ﴿٢٨﴾
हम दुनिया के जीवन में उसी की इबादत करते थे और उससे प्रार्थना करते थे कि हमें आग की यातना से बचा ले। निःसंदेह वही उपकार करने वाला, अपने बंदों से किए हुए अपने वादे में सच्चा और उनपर दया करने वाला है। यह हमपर उसके उपकार और दया ही में से है कि उसने हमें ईमान का मार्गदर्शन प्रदान किया, तथा हमें जन्नत में दाखिल किया और जहन्नम की आग से दूर रखा।