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النجمआयत 11

तफ़सीर अल-मुख़्तसर

مَا كَذَبَ ٱلْفُؤَادُ مَا رَأَىٰٓ ﴿١١﴾

मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के दिल ने उसे झूठ नहीं कहा जो आपकी आँखों ने देखा।