तफ़सीर अल-मुख़्तसर
وَمَآ أَمْرُنَآ إِلَّا وَٰحِدَةٌ كَلَمْحٍۭ بِٱلْبَصَرِ ﴿٥٠﴾
जब हम किसी चीज़ का इरादा करते हैं, तो हमारा आदेश केवल एक शब्द कहना होता है, कि : "हो जा", तो जो हम चाहते हैं वह पलक झपकते ही तेज़ी से हो जाती है।
तफ़सीर अल-मुख़्तसर
وَمَآ أَمْرُنَآ إِلَّا وَٰحِدَةٌ كَلَمْحٍۭ بِٱلْبَصَرِ ﴿٥٠﴾