तफ़सीर अल-मुख़्तसर
وَكُلُّ شَىْءٍ فَعَلُوهُ فِى ٱلزُّبُرِ ﴿٥٢﴾
और जो कुछ बंदों ने किया, वह बंदों के कार्य लिखने पर नियुक्त फ़रिश्तों की पुस्तकों में लिखा है, उनसे उसमें से कुछ भी नहीं छूटता।
तफ़सीर अल-मुख़्तसर
وَكُلُّ شَىْءٍ فَعَلُوهُ فِى ٱلزُّبُرِ ﴿٥٢﴾