×
الواقعة
आयत 26
तफ़सीर अल-मुख़्तसर
إِلَّا قِيلًا سَلَـٰمًا سَلَـٰمًا ﴿٢٦﴾
वे केवल अपने आपपर फ़रिश्तों का सलाम और उनका आपस में एक-दूसरे को सलाम करना सुनेंगे।
पिछली आयत
अगली आयत