तफ़सीर अल-मुख़्तसर
لَّا مَقْطُوعَةٍ وَلَا مَمْنُوعَةٍ ﴿٣٣﴾
ये फल उनके पास से कभी समाप्त नहीं होंगे। क्योंकि उनका कोई मौसम नहीं होगा। तथा जब भी वे उन्हें लेना चाहेंगे, उसमें कोई बाधा नहीं होगी।
तफ़सीर अल-मुख़्तसर
لَّا مَقْطُوعَةٍ وَلَا مَمْنُوعَةٍ ﴿٣٣﴾