तफ़सीर अल-मुख़्तसर
لَـَٔاكِلُونَ مِن شَجَرٍ مِّن زَقُّومٍ ﴿٥٢﴾
फिर निःसंदेह (ऐ मरणोपरांत पुनः जीवित किए जाने का इनकार करने वालो! सीधे मार्ग से भटके हुए लोगो!) तुम निश्चय क़ियामत के दिन ज़क़्क़ूम (थूहड़) के वृक्ष का फल खाने वाले हो, जो कि सबसे बुरा और सबसे गंदा फल है।