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الواقعةआयत 55

तफ़सीर अल-मुख़्तसर

فَشَـٰرِبُونَ شُرْبَ ٱلْهِيمِ ﴿٥٥﴾

फिर उसे बहुत ज़्यादा पीने वाले हो, जिस तरह न बुझने वाले प्यास के रोग से पीड़ित ऊँट पीता चला जाता है।