तफ़सीर अल-मुख़्तसर
لَوْ نَشَآءُ جَعَلْنَـٰهُ أُجَاجًا فَلَوْلَا تَشْكُرُونَ ﴿٧٠﴾
अगर हम उस पानी को अत्यंत खारा बनाना चाहें कि वह पीने या पानी देने के काम न आए, तो हम उसे अत्यंत खारा बना दें। फिर तुम अल्लाह का शुक्र अदा क्यों नहीं करते कि उसने तुमपर दया करते हुए मीठा पानी उतारा है?!