तफ़सीर अल-मुख़्तसर
أَفَغَيْرَ ٱللَّهِ أَبْتَغِى حَكَمًا وَهُوَ ٱلَّذِىٓ أَنزَلَ إِلَيْكُمُ ٱلْكِتَـٰبَ مُفَصَّلًا ۚ وَٱلَّذِينَ ءَاتَيْنَـٰهُمُ ٱلْكِتَـٰبَ يَعْلَمُونَ أَنَّهُۥ مُنَزَّلٌ مِّن رَّبِّكَ بِٱلْحَقِّ ۖ فَلَا تَكُونَنَّ مِنَ ٱلْمُمْتَرِينَ ﴿١١٤﴾
ऐ रसूल! आप इन बहुदेववादियों से, जो अल्लाह के साथ उसके अलावा को पूजते हैं, कह दें : क्या यह तर्कसंगत है कि मैं अपने और तुम्हारे बीच अल्लाह के अलावा किसी अन्य को न्यायकर्ता स्वीकार करूं? जबकि अल्लाह ही है, जिसने तुम्हारे ऊपर क़ुरआन को अवतरित किया है जो हर चीज़ को पूर्ण रूप से स्पष्ट करने वाला है। तथा यहूदी लोग जिन्हें हमने तौरात दी और ईसाई लोग जिन्हें हमने इंजील प्रदान की, इस तथ्य को जानते हैं कि क़ुरआन आपपर सत्य के साथ उतारा गया है। क्योंकि उन्होंने अपनी पुस्तकों में इसके प्रमाण पाए हैं। अतः आप उसपर शक करने वालों में से न बनें, जो हमने आपकी ओर वह़्य की है।