तफ़सीर अल-मुख़्तसर
فَإِن كَذَّبُوكَ فَقُل رَّبُّكُمْ ذُو رَحْمَةٍ وَٰسِعَةٍ وَلَا يُرَدُّ بَأْسُهُۥ عَنِ ٱلْقَوْمِ ٱلْمُجْرِمِينَ ﴿١٤٧﴾
(ऐ रसूल!) यदि वे आपको झुठलाएँ और जो कुछ आप अपने रब के पास से लाए हैं, उसे न मानें, तो उन्हें प्रोत्साहित करने के लिए कह दें : तुम्हारा पालनहार बहुत दयालु है, और तुम्हारे प्रति उसकी दया में से उसका तुम्हें मोहलत देना और तुम्हें सज़ा देने में जल्दी न करना है। तथा उन्हें डराते हुए कह दें : जो लोग अवज्ञा और कुकर्म करते हैं, उनसे उसकी यातना टलती नहीं है।