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الأنعامआयत 56

तफ़सीर अल-मुख़्तसर

قُلْ إِنِّى نُهِيتُ أَنْ أَعْبُدَ ٱلَّذِينَ تَدْعُونَ مِن دُونِ ٱللَّهِ ۚ قُل لَّآ أَتَّبِعُ أَهْوَآءَكُمْ ۙ قَدْ ضَلَلْتُ إِذًا وَمَآ أَنَا۠ مِنَ ٱلْمُهْتَدِينَ ﴿٥٦﴾

(ऐ रसूल!) आप कह दें : अल्लाह ने मुझे उनकी इबादत करने से मना कर दिया है जिनकी तुम अल्लाह के अलावा पूजा करते हो। (ऐ रसूल!) आप कह दें : मैं अल्लाह के अलावा किसी और की पूजा करने में तुम्हारी इच्छाओं का पालन नहीं करता। क्योंकि अगर मैं इस बारे में तुम्हारी इच्छाओं का पालन करू, तो मैं सत्य के मार्ग से भटका हुआ हूँगा, मैं उसकी ओर मार्गदर्शन नहीं पा सकूँगा। और यही हर उस व्यक्ति का मामला है, जो अल्लाह की ओर से किसी प्रमाण के बिना अपनी इच्छा का पालन करता है।