तफ़सीर अल-मुख़्तसर
لَقَدْ كَانَ لَكُمْ فِيهِمْ أُسْوَةٌ حَسَنَةٌ لِّمَن كَانَ يَرْجُوا۟ ٱللَّهَ وَٱلْيَوْمَ ٱلْـَٔاخِرَ ۚ وَمَن يَتَوَلَّ فَإِنَّ ٱللَّهَ هُوَ ٱلْغَنِىُّ ٱلْحَمِيدُ ﴿٦﴾
इस उत्तम आदर्श का पालन वही करेगा, जो दुनिया और आख़िरत में अल्लाह से भलाई की आशा रखता है। और जो इस उत्तम आदर्श से मुँह फेरेगा, तो अल्लाह अपने बंदों से बेनियाज़ है, उसे उनके आज्ञापालन की आवश्यकता नहीं है। तथा वह हर हाल में प्रशंसनीय है।