तफ़सीर अल-मुख़्तसर
يَـٰٓأَيُّهَا ٱلَّذِينَ ءَامَنُوا۟ لِمَ تَقُولُونَ مَا لَا تَفْعَلُونَ ﴿٢﴾
ऐ अल्लाह पर ईमान रखने वालो! तुम क्यों कहते हो : हमने ऐसा किया है, जबकि वास्तव में तुमने उसे नहीं किया है?! जैसे तुममें से कोई कहे कि मैं अपनी तलवार से लड़ा और मारा। जबकि वह अपनी तलवार से न लड़ा है और न मारा है।