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الجمعةआयत 1

तफ़सीर अल-मुख़्तसर

بِسْمِ ٱللَّهِ ٱلرَّحْمَـٰنِ ٱلرَّحِيمِ يُسَبِّحُ لِلَّهِ مَا فِى ٱلسَّمَـٰوَٰتِ وَمَا فِى ٱلْأَرْضِ ٱلْمَلِكِ ٱلْقُدُّوسِ ٱلْعَزِيزِ ٱلْحَكِيمِ ﴿١﴾

आकाशों और धरती में मौजूद सभी प्राणी अल्लाह के उन सभी कमियों से पवित्र होने का वर्णन करते हैं, जो उसकी महिमा के योग्य नहीं हैं। वह राजा है, जो अपने राज्य में एकता है, हर कमी से मुक्त व पवित्र है, सब पर प्रभुत्वशाली है, जिसपर किसी का ज़ोर नहीं चलता, तथा अपनी रचना, शरीयत और तक़दीर (निर्णय) में हिकमत वाला है।