तफ़सीर अल-मुख़्तसर
مَّنَّاعٍ لِّلْخَيْرِ مُعْتَدٍ أَثِيمٍ ﴿١٢﴾
भलाई से बहुत ज़्यादा रोकने वाला, लोगों की धन-संपत्ति, सतीत्व और जान पर अतिक्रमण करने वाला तथा अत्यधिक गुनाह और पाप करने वाला है।
तफ़सीर अल-मुख़्तसर
مَّنَّاعٍ لِّلْخَيْرِ مُعْتَدٍ أَثِيمٍ ﴿١٢﴾