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القلم
आयत 18
तफ़सीर अल-मुख़्तसर
وَلَا يَسْتَثْنُونَ ﴿١٨﴾
और उन्होंने 'इन शा अल्लाह' (अगर अल्लाह ने चाहा) कहकर अपनी क़्सम में कोई अपवाद नहीं किया।
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