तफ़सीर अल-मुख़्तसर
فَذَرْنِى وَمَن يُكَذِّبُ بِهَـٰذَا ٱلْحَدِيثِ ۖ سَنَسْتَدْرِجُهُم مِّنْ حَيْثُ لَا يَعْلَمُونَ ﴿٤٤﴾
तो (ऐ रसूल) आप मुझे तथा उसे छोड़ दें, जो आपपर उतरने वाले इस क़ुरआन को झुठलाता है। हम उन्हें धीरे-धीरे इस तरह यातना की ओर लेजाएँगे कि उन्हें पता नहीं चलेगा कि यह उनके साथ चाल चली जा रही है और उन्हें ढील दी जा रही है।