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القلمआयत 48

तफ़सीर अल-मुख़्तसर

فَٱصْبِرْ لِحُكْمِ رَبِّكَ وَلَا تَكُن كَصَاحِبِ ٱلْحُوتِ إِذْ نَادَىٰ وَهُوَ مَكْظُومٌ ﴿٤٨﴾

अतः (ऐ रसूल) आपके पालनहार ने उन्हें मोहलत देकर ढील देने का जो निर्णय किया है, उसके लिए धैर्य से काम लें और अपने समुदाय से ऊबने में मछली वाले नबी यूनुस अलैहिस्सलाम की तरह न हो जाएँ; जब उन्होंने अपने पालनहार को इस दशा में पुकार कि वह समुद्र के अंधेरे और मछली के पेट के अंधेरे में व्यथित थे।