तफ़सीर अल-मुख़्तसर
وَٱنشَقَّتِ ٱلسَّمَآءُ فَهِىَ يَوْمَئِذٍ وَاهِيَةٌ ﴿١٦﴾
और उस दिन आसमान फट जाएगा, ताकि उससे फ़रिश्ते उतर सकें। तो उस दिन वह कमज़ोर होगा, जबकि वह पहले मज़बूत और सुसंगत था।
तफ़सीर अल-मुख़्तसर
وَٱنشَقَّتِ ٱلسَّمَآءُ فَهِىَ يَوْمَئِذٍ وَاهِيَةٌ ﴿١٦﴾