×
الحاقةआयत 20

तफ़सीर अल-मुख़्तसर

إِنِّى ظَنَنتُ أَنِّى مُلَـٰقٍ حِسَابِيَهْ ﴿٢٠﴾

मैं दुनिया में जानता था और मुझे यक़ीन था कि मैं मरने के बाद पुनर्जीवित कर उठाया जाने वाला हूँ और अपना प्रतिफल पाने वाला हूँ।