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الحاقةआयत 28

तफ़सीर अल-मुख़्तसर

مَآ أَغْنَىٰ عَنِّى مَالِيَهْ ۜ ﴿٢٨﴾

मेरा धन मुझसे अल्लाह की यातना को कुछ भी न टाल सका।