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الحاقةआयत 35

तफ़सीर अल-मुख़्तसर

فَلَيْسَ لَهُ ٱلْيَوْمَ هَـٰهُنَا حَمِيمٌ ﴿٣٥﴾

अतः क़ियामत के दिन उसका कोई क़रीबी (रिश्तेदार) नहीं है, जो उससे यातना को टाल सके।