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الأعرافआयत 117

तफ़सीर अल-मुख़्तसर

وَأَوْحَيْنَآ إِلَىٰ مُوسَىٰٓ أَنْ أَلْقِ عَصَاكَ ۖ فَإِذَا هِىَ تَلْقَفُ مَا يَأْفِكُونَ ﴿١١٧﴾

तो अल्लाह ने अपने नबी तथा कलीम मूसा अलैहिस्सलाम को वह़्य की कि अपनी लाठी फेंको। चुनाँचे उन्होंने अपनी लाठी फेंकी। और देखते ही देखते लाठी साँप बनकर उनकी रस्सियाें तथा लाठियाें को निगलने लगी, जिनका प्रयोग वे तथ्यों को बदलने और लोगों को इस भ्रम में डालने के लिए करते थे कि ये दौड़ते हुए साँप हैं।