तफ़सीर अल-मुख़्तसर
قَالَ فِرْعَوْنُ ءَامَنتُم بِهِۦ قَبْلَ أَنْ ءَاذَنَ لَكُمْ ۖ إِنَّ هَـٰذَا لَمَكْرٌ مَّكَرْتُمُوهُ فِى ٱلْمَدِينَةِ لِتُخْرِجُوا۟ مِنْهَآ أَهْلَهَا ۖ فَسَوْفَ تَعْلَمُونَ ﴿١٢٣﴾
जब वे एक अल्लाह पर ईमान ले आए, तो फ़िरऔन ने उन्हें धमकी देते हुए कहा : मेरी अनुमति से पहले ही तुमने मूसा को सच्चा मान लिया? निश्चय तुम्हारा मूसा पर ईमान लाना और उसके लाए हुए धर्म को सत्य मानना एक धोखा और साज़िश है, जो तुमने और मूसा ने इस नगर के निवासियों को यहाँ से निकालने के लिए रची है। तो (ऐ जादूगरो!) तुम्हें शीघ्र ही पता चल जाएगा कि तुम्हें कैसी सज़ा और यातना का सामना करना पड़ता है।