तफ़सीर अल-मुख़्तसर
فَٱنتَقَمْنَا مِنْهُمْ فَأَغْرَقْنَـٰهُمْ فِى ٱلْيَمِّ بِأَنَّهُمْ كَذَّبُوا۟ بِـَٔايَـٰتِنَا وَكَانُوا۟ عَنْهَا غَـٰفِلِينَ ﴿١٣٦﴾
फिर जब उनके विनाश का निश्चित समय आ गया, तो हमने उन्हें समुद्र में डुबोकर उनपर अपनी सज़ा उतार दी, क्योंकि उन्होंने अल्लाह की निशानियों को झुठलाया और उनसे इंगति होने वाले उस सत्य से उपेक्षा किया था, जिसमें कोई संदेह नहीं।