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الأعرافआयत 165

तफ़सीर अल-मुख़्तसर

فَلَمَّا نَسُوا۟ مَا ذُكِّرُوا۟ بِهِۦٓ أَنجَيْنَا ٱلَّذِينَ يَنْهَوْنَ عَنِ ٱلسُّوٓءِ وَأَخَذْنَا ٱلَّذِينَ ظَلَمُوا۟ بِعَذَابٍۭ بَـِٔيسٍۭ بِمَا كَانُوا۟ يَفْسُقُونَ ﴿١٦٥﴾

फिर जब अवज्ञाकारियों ने नसीहत करने वालों की नसीहत से मुँह फेर लिया और अपनी हरकत से बाज़ नहीं आए, तो हमने बुराई से रोकने वालों को यातना से बचा लिया और शनिवार के दिन शिकार करके अत्याचार करने वालों को, उनके अल्लाह की अवज्ञा करने और गुनाह पर अड़े रहने के कारण, गंभीर यातना में पकड़ लिया।