तफ़सीर अल-मुख़्तसर
وَإِذْ تَأَذَّنَ رَبُّكَ لَيَبْعَثَنَّ عَلَيْهِمْ إِلَىٰ يَوْمِ ٱلْقِيَـٰمَةِ مَن يَسُومُهُمْ سُوٓءَ ٱلْعَذَابِ ۗ إِنَّ رَبَّكَ لَسَرِيعُ ٱلْعِقَابِ ۖ وَإِنَّهُۥ لَغَفُورٌ رَّحِيمٌ ﴿١٦٧﴾
और (ऐ रसूल!) उस समय को याद करें, जब अल्लाह ने स्पष्ट घोषणा कर दी कि वह क़ियामत के दिन तक यहूदियों पर ऐसे व्यक्ति को अवश्य प्रभुत्व प्रदान करता रहेगा, जो उन्हें उनके सांसारिक जीवन में अपमानित और तिरस्कृत करता रहे। निःसंदेह (ऐ रसूल!) आपका पालनहार अवज्ञाकारियों को शीघ्र दंड देने वाला है। यहाँ तक कि कभी-कभी वह उन्हें इसी दुनिया में दंड दे देता है। और वह अपने तौबा करने वाले बंदों की तौबा क़बूल करने वाला, उनपर दया करने वाला है।