×
الأعرافआयत 171

तफ़सीर अल-मुख़्तसर

وَإِذْ نَتَقْنَا ٱلْجَبَلَ فَوْقَهُمْ كَأَنَّهُۥ ظُلَّةٌ وَظَنُّوٓا۟ أَنَّهُۥ وَاقِعٌۢ بِهِمْ خُذُوا۟ مَآ ءَاتَيْنَـٰكُم بِقُوَّةٍ وَٱذْكُرُوا۟ مَا فِيهِ لَعَلَّكُمْ تَتَّقُونَ ﴿١٧١﴾

और (ऐ मुहम्मद!) उस समय को याद करें, जब हमने पर्वत को उखाड़कर बनी इसराईल के ऊपर उठा लिया, जब उन्होंने तौरात की शिक्षाओं को ग्रहण करने से उपेक्षा की। चुनाँचे पहाड़ एक बादल की तरह हो गया, जो उनके सिर पर छाया कर रहा हो। तथा उन्हें यक़ीन हो गया कि वह उनपर गिरने ही वाला है, और उनसे कहा गया : हमने जो कुछ तुम्हें दिया है, उसे पूरी मज़बूती और दृढ़ संकल्प के साथ थाम लो और उसमें मौजूद नियमों को, जो अल्लाह ने तुम्हारे लिए निर्धारित किए हैं, ठीक से याद रखो और उन्हें भूलो नहीं; इस आशा में कि ऐसा करने के बाद तुम अल्लाह से डरने लगो।