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الأعرافआयत 194

तफ़सीर अल-मुख़्तसर

إِنَّ ٱلَّذِينَ تَدْعُونَ مِن دُونِ ٱللَّهِ عِبَادٌ أَمْثَالُكُمْ ۖ فَٱدْعُوهُمْ فَلْيَسْتَجِيبُوا۟ لَكُمْ إِن كُنتُمْ صَـٰدِقِينَ ﴿١٩٤﴾

निःसंदेह जिन लोगों की तुम (ऐ मुश्रिको!) अल्लाह के सिवा इबादत करते हो, वे अल्लाह ही के पैदा किए हुए हैं और उनका मालिक भी वही है। इस तरह वे इस बारे में तुम्हारे ही जैसे हैं। बल्कि तुम उनसे उत्तम स्थिति में हो। क्योंकि तुम ज़िंदा हो, बोलते हो, चलते-फिरते हो, सुनते हो और देखते हो। जबकि तुम्हारी मूर्तियों के पास ये शक्तियाँ नहीं हैं। अतः तुम उनको पुकारो और वे तुम्हारी पुकार का जवाब दें, यदि तुम उनके बारे में अपने दावे में सच्चे हो।